Anushilan Samiti का मुख्यालय मुख्य रूप से Kolkata (तत्कालीन कलकत्ता) में था। यह एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था, जिसकी स्थापना 20वीं सदी की शुरुआत में अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत करने के लिए की गई थी। इसका मुख्य केंद्र बंगाल क्षेत्र रहा, जहाँ से इसने युवाओं को संगठित कर क्रांतिकारी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। अनुषिलन समिति ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई प्रमुख क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।
अनुशीलन समिति (Anushilan Samiti) का मूल मुख्यालय कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में था। बाद में इसका एक अत्यंत शक्तिशाली और संगठित शाखा मुख्यालय ढाका में स्थापित हुआ, जो आगे चलकर क्रांतिकारी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया।
अब हम इस क्रांतिकारी संगठन के बारे में विस्तार से समझते हैं, इसकी स्थापना, उद्देश्य, प्रमुख नेता, गतिविधियाँ और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इसका योगदान।
अनुशीलन समिति भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक प्रमुख क्रांतिकारी संगठन था, जिसने ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र क्रांति (armed revolution) का मार्ग अपनाया। यह संगठन मुख्य रूप से बंगाल में सक्रिय था और 20वीं सदी के प्रारंभिक वर्षों में अत्यधिक प्रभावशाली बन गया।
“अनुशीलन” शब्द का अर्थ है—अनुशासन, अभ्यास और आत्म-विकास, जो इस संगठन की विचारधारा को दर्शाता है।
अनुशीलन समिति की स्थापना वर्ष 1902 में प्रमथनाथ मित्र के नेतृत्व में की गई थी। इसमें सतीश चंद्र बसु और अरविंद घोष जैसे क्रांतिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान था।
यह संगठन शुरुआत में एक व्यायामशाला (gymnasium) और युवा संगठन के रूप में शुरू हुआ, जहाँ युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन में बदल गया।
अनुशीलन समिति की विचारधारा कई महान व्यक्तियों से प्रभावित थी:
इसकी विचारधारा के तीन मुख्य आधार थे:
इसके साथ ही संगठन युवाओं में शारीरिक शक्ति, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति विकसित करना चाहता था।
अनुशीलन समिति में कई महान क्रांतिकारी जुड़े हुए थे:
इन सभी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारी मार्ग अपनाया।
अनुशीलन समिति ने कई महत्वपूर्ण क्रांतिकारी गतिविधियाँ संचालित कीं:
अनुशीलन समिति का एक महत्वपूर्ण भाग था Jugantar Group, जो कोलकाता में सक्रिय था।
इस प्रकार, संगठन दो प्रमुख हिस्सों में बंट गया:
ब्रिटिश सरकार ने अनुशीलन समिति को एक खतरनाक संगठन माना और इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए:
इसके बावजूद, यह संगठन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा बना रहा।
1920–30 के दशक में:
हालाँकि संगठन धीरे-धीरे कमजोर हो गया, लेकिन इसकी विरासत बहुत महत्वपूर्ण रही।
अनुशीलन समिति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण था:
अनुशीलन समिति भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख क्रांतिकारी संगठन था, जिसका मुख्यालय कोलकाता में था और बाद में इसका प्रभावशाली केंद्र ढाका बन गया। इस संगठन ने भारतीय युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और बलिदान की भावना पैदा की।
हालाँकि यह संगठन लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहा, लेकिन इसकी क्रांतिकारी सोच और कार्यों ने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को नई दिशा दी।
1. Anushilan Samiti ka mukhyalay kahan tha?
Anushilan Samiti ka mukhyalay Kolkata mein tha.
2. Anushilan Samiti kya thi?
Anushilan Samiti ek gupt kranti-kaari sangathan tha jo British rule ke khilaf sangharsh karta tha.
3. Anushilan Samiti ki sthapna kisne ki thi?
Iski sthapna Pramathanath Mitra ne ki thi.
4. Anushilan Samiti kab sthapit hui thi?
Yeh sangathan 1902 ke aas-paas sthapit hua tha.
5. Anushilan Samiti ka mukhya uddeshya kya tha?
Iska mukhya uddeshya Bharat ko British shasan se mukti dilana tha.
6. Is sangathan se jude pramukh krantikari kaun the?
Isse jude kuch prasiddh krantikari the:
7. Anushilan Samiti kis kshetra mein adhik sakriya thi?
Yeh sangathan mukhyatah West Bengal aur aas-paas ke kshetron mein sakriya tha.
8. Anushilan Samiti ka anya naam kya tha?
Isse kai baar “Jugantar group” ke roop mein bhi jaana jata tha.
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