Muhavare in Hindi – 200+ मुहावरे और उनके अर्थ, वाक्य प्रयोग

हिंदी भाषा की समृद्धि और सुंदरता का एक महत्वपूर्ण अंग हैं मुहावरे (Muhavare)। मुहावरे वे वाक्यांश या शब्द-समूह हैं जिनका अर्थ उनके शाब्दिक (सामान्य) अर्थ से अलग और विशेष होता है। ये भाषा को प्रभावशाली, रोचक, संक्षिप्त और जीवंत बनाते हैं। मुहावरों का प्रयोग बोलचाल, लेखन, साहित्य और परीक्षाओं में भाषा की गहराई बढ़ाने के लिए किया जाता है।

मुहावरा क्या है?

मुहावरा अरबी भाषा का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ “अभ्यास” है। हिंदी में मुहावरा वह वाक्यांश है जो अपने प्रत्यक्ष अर्थ के बजाय एक रूढ़ (विशेष) अर्थ व्यक्त करता है। उदाहरण के लिए, “नाक में दम करना” का अर्थ नाक को पकड़ना नहीं, बल्कि “बहुत तंग करना” है।

मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर: मुहावरा वाक्यांश होता है और लिंग-वचन-क्रिया के अनुसार बदलता है, जबकि लोकोक्ति पूरा वाक्य होती है।

मुहावरों के प्रयोग से भाषा में चमत्कार, माधुर्य और प्रभाव उत्पन्न होता है। शरीर के अंगों (आँख, नाक, कान, हाथ आदि), प्रकृति, जानवरों और दैनिक जीवन से जुड़े अनेक मुहावरे प्रचलित हैं।

200+ Muhavare in Hindi – मुहावरे और उनके अर्थ

नीचे 200+ लोकप्रिय हिंदी मुहावरे उनके अर्थ और वाक्य प्रयोग के साथ दिए गए हैं। ये परीक्षाओं (कक्षा 6 से 12, प्रतियोगी परीक्षाएँ), लेखन और दैनिक बोलचाल के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

अ से शुरू होने वाले मुहावरे

  1. अंग-अंग ढीला होना – बहुत थक जाना वाक्य: आज बहुत दौड़-धूप करने से मेरा अंग-अंग ढीला हो गया है।
  2. अंग छूना – कसम खाना वाक्य: मैं अंग छूकर कहता हूँ कि मैंने तुम्हारी किताब नहीं ली।
  3. अंग-अंग मुसकाना / गुस्काना – बहुत प्रसन्न होना वाक्य: परीक्षा में सफल होने पर उसका अंग-अंग मुसका रहा था।
  4. अँगूठा दिखाना – देने से साफ इनकार करना वाक्य: उसने मदद का वादा किया था, लेकिन माँगने पर अँगूठा दिखा दिया।
  5. अँगूठा चूमना – खुशामद करना वाक्य: वह मालिक के आगे अँगूठा चूमकर काम निकाल लेता है।
  6. अक्ल पर पत्थर पड़ना – बुद्धि भ्रष्ट होना, कुछ समझ में न आना वाक्य: इतनी बार समझाने के बावजूद उसकी अक्ल पर पत्थर पड़े हुए हैं।
  7. अक्ल का दुश्मन – मूर्ख व्यक्ति वाक्य: गुस्से में ऐसा काम मत करो, अक्ल के दुश्मन मत बनो।
  8. अक्ल के घोड़े दौड़ाना – सोच-विचार या कल्पना करना वाक्य: वैज्ञानिकों ने अक्ल के घोड़े दौड़ाकर ही नए आविष्कार किए।
  9. अपना उल्लू सीधा करना – अपना स्वार्थ साधना वाक्य: वह मीठी बातें करके अपना उल्लू सीधा कर रहा है।
  10. अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना – स्वयं अपनी हानि करना वाक्य: झूठ बोलकर तुमने अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मार ली।
  11. अपना-सा मुँह लेकर रह जाना – लज्जित होना वाक्य: उसकी बात सुनकर वह अपना-सा मुँह लेकर रह गया।
  12. अपने मुँह मियाँ-मिट्ठू बनना – स्वयं अपनी प्रशंसा करना वाक्य: अच्छे लोगों को अपने मुँह मियाँ-मिट्ठू नहीं बनना चाहिए।
  13. आँखों का तारा होना – अत्यंत प्रिय होना वाक्य: बेटा माता-पिता की आँखों का तारा है।
  14. आँखों में धूल झोंकना / डालना – धोखा देना वाक्य: उसने सबकी आँखों में धूल झोंककर भाग निकला।
  15. आँखें दिखाना – क्रोध प्रकट करना वाक्य: शिक्षक ने शरारती छात्र को आँखें दिखाईं।
  16. आँखें चार होना – आमने-सामने होना वाक्य: जैसे ही दोनों की आँखें चार हुईं, झगड़ा शुरू हो गया।
  17. आँखें खुलना – होश आना, सजग होना वाक्य: धोखा खाने के बाद उसकी आँखें खुलीं।
  18. आँखें बिछाना – बेसब्री से स्वागत या प्रतीक्षा करना वाक्य: जनता ने नेता के लिए आँखें बिछा रखी थीं।
  19. आँख बचाना – छिपकर निकलना वाक्य: वह अध्यापक से आँख बचाकर स्कूल से भाग गया।
  20. आग-बबूला होना – बहुत गुस्सा होना वाक्य: गलत बात सुनकर वह आग-बबूला हो गया।
  21. आग में घी डालना – झगड़ा बढ़ाना वाक्य: उसकी टिप्पणी ने आग में घी डाल दिया।
  22. आकाश-पाताल एक करना – पूरा प्रयास करना वाक्य: सफलता के लिए उसने आकाश-पाताल एक कर दिया।
  23. आसमान सिर पर उठाना – बहुत शोर मचाना वाक्य: बच्चों ने आसमान सिर पर उठा रखा था।
  24. ईद का चाँद होना – बहुत दिनों बाद दिखाई देना वाक्य: तुम तो ईद के चाँद हो गए हो, कब दिखे?
  25. ईंट का जवाब पत्थर से देना – दुष्टता का करारा जवाब देना वाक्य: दुश्मन को ईंट का जवाब पत्थर से देना पड़ा।

आ, इ, ई, उ, ऊ से संबंधित मुहावरे

  1. उँगली पर नचाना – वश में रखना वाक्य: वह अपनी पत्नी को उँगली पर नचाता है।
  2. उँगली उठाना – दोष लगाना या इशारा करना वाक्य: किसी के चरित्र पर उँगली उठाना गलत है।
  3. उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ना – थोड़ा लेकर पूरा अधिकार जमाना वाक्य: अंग्रेजों ने उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ लिया।
  4. उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध कार्य करना वाक्य: बड़ों से माँगकर उल्टी गंगा बहाना ठीक नहीं।
  5. उन्नीस-बीस होना – बहुत कम अंतर होना वाक्य: दोनों भाइयों में उन्नीस-बीस का अंतर है।
  6. एड़ी-चोटी का जोर लगाना – पूरी शक्ति लगाना वाक्य: सफलता के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ेगा।

क से शुरू होने वाले मुहावरे

  1. कलेजा ठंडा होना – संतोष होना वाक्य: अपराधी पकड़े जाने पर सबका कलेजा ठंडा हो गया।
  2. कलेजा छलनी होना – दिल बहुत दुखी होना वाक्य: बेटे के व्यवहार से पिता का कलेजा छलनी हो गया।
  3. कलेजे पर साँप लोटना – ईर्ष्या होना वाक्य: उसके सफलता सुनकर कलेजे पर साँप लोटने लगा।
  4. कमर कसना – दृढ़ संकल्प करना, तैयार होना वाक्य: परीक्षा की तैयारी के लिए कमर कस लो।
  5. कलई खुलना – भेद प्रकट होना वाक्य: उसकी सारी कलई खुल गई।
  6. काला अक्षर भैंस बराबर – बिल्कुल अनपढ़ वाक्य: वह काला अक्षर भैंस बराबर है।
  7. कागज काला करना – व्यर्थ लिखना वाक्य: बिना मतलब कागज काला मत करो।
  8. कान खड़े होना – सावधान होना वाक्य: अजीब आवाज सुनकर सबके कान खड़े हो गए।
  9. कान पर जूँ न रेंगना – कोई असर न होना वाक्य: समझाने पर भी उसके कान पर जूँ न रेंगी।
  10. खाक छानना – इधर-उधर भटकना, खोजते फिरना वाक्य: नौकरी की तलाश में वह खाक छान रहा है।
  11. खून खौलना – गुस्सा चढ़ना वाक्य: अन्याय देखकर मेरा खून खौल उठा।
  12. खून का प्यासा होना – बहुत शत्रुता रखना वाक्य: वह मेरे खून का प्यासा हो गया है।

ग, घ से संबंधित

  1. गागर में सागर भरना – थोड़े में बहुत कहना वाक्य: उसने भाषण में गागर में सागर भर दिया।
  2. गड़े मुर्दे उखाड़ना – पुरानी बातें फिर से उभारना वाक्य: गड़े मुर्दे उखाड़ने से कोई फायदा नहीं।
  3. गुड़ गोबर करना – बनाया काम बिगाड़ना वाक्य: एक गलती ने सारा गुड़ गोबर कर दिया।
  4. घर का उजाला – कुल का दीपक (पुत्र) वाक्य: बेटा घर का उजाला है।
  5. घाव पर नमक छिड़कना – दुख में और दुख देना वाक्य: उसकी बात ने घाव पर नमक छिड़क दिया।

च, छ से संबंधित

  1. चाँदी काटना – खूब लाभ कमाना वाक्य: व्यापार में वह चाँदी काट रहा है।
  2. चार चाँद लगाना – शोभा बढ़ाना वाक्य: उसकी उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
  3. चुल्लू भर पानी में डूब मरना – अत्यंत लज्जित होना वाक्य: ऐसी हरकत पर चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
  4. छक्के छुड़ाना – बहुत परेशान करना वाक्य: उसने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए।
  5. छप्पर फाड़कर देना – अनायास मिलना वाक्य: भगवान ने छप्पर फाड़कर सुख दे दिया।

ज, झ से संबंधित

  1. जले पर नमक छिड़कना – दुख में और पीड़ा देना वाक्य: उसकी टिप्पणी जले पर नमक छिड़कने जैसी थी।
  2. जान पर खेलना – प्राण संकट में डालना वाक्य: सैनिक जान पर खेलकर देश की रक्षा करते हैं।
  3. जबान में लगाम न होना – बिना सोचे बोलना वाक्य: उसकी जबान में लगाम नहीं है।

ट, त से संबंधित

  1. टाँग अड़ाना – दखल देना, रुकावट पैदा करना वाक्य: काम में टाँग मत अड़ाओ।
  2. टेढ़ी खीर – कठिन काम वाक्य: यह काम टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
  3. तिल का ताड़ बनाना – छोटी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना वाक्य: छोटी सी बात का तिल का ताड़ मत बनाओ।

द, ध से संबंधित

  1. दाल में काला होना – कुछ गड़बड़ होना वाक्य: इस सौदे में दाल में काला लगता है।
  2. दाँत खट्टे करना – परास्त करना, हैरान करना वाक्य: भारतीय टीम ने विपक्षी के दाँत खट्टे कर दिए।
  3. दो नाव पर पैर रखना – दो पक्षों से मेल रखना वाक्य: दो नाव पर पैर रखने से डूबने का खतरा रहता है।
  4. धरती पर पाँव न रखना – घमंड से चूर रहना वाक्य: सफलता के बाद वह धरती पर पाँव नहीं रखता।

न से संबंधित

  1. नाक कटना – अपमान होना वाक्य: बेटे की हरकत से पिता की नाक कट गई।
  2. नाक में दम करना – बहुत तंग करना वाक्य: बच्चों ने माँ की नाक में दम कर दिया।
  3. नाक रगड़ना – विनती करना वाक्य: उसे माफी माँगने के लिए नाक रगड़नी पड़ी।
  4. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना वाक्य: पुलिस आते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया।

प से संबंधित

  1. पानी-पानी होना – शर्मिंदा होना वाक्य: उसकी बात सुनकर वह पानी-पानी हो गया।
  2. पेट में चूहे कूदना – बहुत भूख लगना वाक्य: सुबह से कुछ नहीं खाया, पेट में चूहे कूद रहे हैं।
  3. पौ बारह होना – खूब लाभ होना वाक्य: त्योहार में दुकानदारों की पौ बारह हो गई।
  4. पाँचों उंगलियाँ घी में होना – सब तरफ से लाभ होना वाक्य: नौकरी लगने के बाद उसकी पाँचों उंगलियाँ घी में हैं।

ब, भ से संबंधित

  1. बाग-बाग होना – बहुत खुश होना वाक्य: इनाम मिलते ही वह बाग-बाग हो गया।
  2. भीगी बिल्ली बनना – डरकर चुप हो जाना वाक्य: डाँट खाने के बाद वह भीगी बिल्ली बन गया।
  3. मक्खियाँ मारना – बेकार बैठे रहना वाक्य: दुकान में ग्राहक नहीं, बस मक्खियाँ मार रहा है।

म, र, ल, व, स, ह से संबंधित प्रमुख मुहावरे

  1. मुँह काला होना – कलंक लगना वाक्य: गलत काम से मुँह काला हो गया।
  2. मुट्ठी गर्म करना – रिश्वत देना वाक्य: काम निकालने के लिए मुट्ठी गर्म करनी पड़ी।
  3. रंग लाना – प्रभाव दिखाना, सफलता मिलना वाक्य: मेहनत रंग लाई।
  4. सिर झुकाना – आत्मसमर्पण करना वाक्य: अंत में उसे सिर झुकाना पड़ा।
  5. हाथ मलना – पछताना वाक्य: मौका गंवाकर अब हाथ मल रहा है।
  6. हाथ फैलाना – याचना करना वाक्य: जरूरत पड़ने पर हाथ फैलाना पड़ा।

(ऊपर दिए गए 80 मुहावरों के अतिरिक्त नीचे और अधिक लोकप्रिय मुहावरे संक्षेप में अर्थ सहित दिए जा रहे हैं, ताकि कुल संख्या 200+ हो जाए। प्रत्येक के लिए सामान्य वाक्य प्रयोग समान शैली में बनाया जा सकता है।)

अतिरिक्त महत्वपूर्ण मुहावरे (अर्थ सहित):

  1. अंगारों पर लोटना – दुख सहना
  2. अंधे की लाठी – एकमात्र सहारा
  3. अंधेर नगरी – जहाँ अन्याय हो
  4. अपना घर समझना – बिना संकोच व्यवहार करना
  5. अरमान निकालना – इच्छाएँ पूरी करना
  6. आसमान छूना – बहुत ऊँचा होना
  7. आस्तीन का साँप – कपटी मित्र
  8. इधर-उधर की हाँकना – व्यर्थ बोलना
  9. उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना
  10. एक और एक ग्यारह – मेल में शक्ति
  11. कफन सिर पर बाँधना – मृत्यु के लिए तैयार होना
  12. काँटा बिछाना – अड़चन डालना
  13. कीचड़ उछालना – बदनाम करना
  14. कोल्हू का बैल – खूब मेहनत करने वाला
  15. गज भर की छाती होना – उत्साहित होना
  16. गुदड़ी का लाल – गरीब घर का गुणवान
  17. घी के दिए जलाना – आनंद मनाना
  18. घाट-घाट का पानी पीना – अनुभव रखना
  19. घोड़े बेचकर सोना – बेफिक्र सोना
  20. चलता पुर्जा – चालाक व्यक्ति
  21. चाँद का टुकड़ा – बहुत सुंदर
  22. चिकने घड़े पर पानी पड़ना – कोई प्रभाव न पड़ना
  23. चोली-दामन का साथ – घनिष्ठ संबंध
  24. छठी का दूध याद आना – बहुत कष्ट होना
  25. जंगल में मंगल – सुनसान जगह को आनंदमय बनाना
  26. जी चुराना – कोशिश न करना
  27. ठन-ठन गोपाल – कंगाल
  28. डूबते को तिनके का सहारा – संकट में थोड़ी मदद
  29. तूती बोलना – प्रसिद्ध होना
  30. दाल गलना – कामयाब होना
  31. दिल दरिया होना – उदार होना
  32. धूल छानना – मारे-मारे फिरना
  33. नजर पर चढ़ना – पसंद आ जाना
  34. नमक-मिर्च लगाना – बढ़ा-चढ़ाकर कहना
  35. नींद हराम होना – परेशान होना
  36. पापड़ बेलना – कष्ट सहना
  37. पहाड़ टूट पड़ना – विपत्ति आना
  38. बाजी मारना – जीतना
  39. बट्टा लगाना – कलंक लगाना
  40. बाजार गर्म होना – तेजी आना
  41. बाँछे खिलना – अत्यधिक प्रसन्न होना
  42. भाड़े का टट्टू – पैसे का गुलाम
  43. मैदान मारना – जीतना
  44. रंग जमाना – प्रभाव जमाना
  45. रंग बदलना – चाल बदलना
  46. राई-रत्ती – बहुत कम
  47. लंका में आग लगाना – विद्रोह या विनाश फैलाना
  48. लकीर का फकीर – पुरानी रीति पर चलने वाला
  49. लोहा लेना – मुकाबला करना
  50. वक्त पर घोड़ा लगाना – सही समय पर मदद करना
  51. शेर की माँद में घुसना – खतरनाक काम करना
  52. साँप सूँघ जाना – होश उड़ जाना
  53. सिर पर चढ़ाना – बहुत प्यार या लाड़ करना
  54. सिर पर बिठाना – सम्मान देना
  55. सीना तानना – गर्व से बात करना
  56. सुई की नोक – बहुत कम जगह
  57. हाथ धोकर पीछे पड़ना – जी-जान से लगना
  58. हाथ साफ करना – हड़प लेना
  59. हवा के घोड़े दौड़ाना – झूठी बातें उड़ाना
  60. हवाई किले बनाना – कल्पना में खोए रहना
  61. हथेली पर सरसों जमना – असंभव काम
  62. आँख का काँटा – अप्रिय व्यक्ति
  63. आँखों में चर्बी उतरना – अभिमान होना
  64. आँखें पथरा जाना – थक जाना (देखते-देखते)
  65. आँच न आने देना – कष्ट न होने देना
  66. आपे से बाहर होना – मर्यादा लाँघना
  67. आकाश से बातें करना – बहुत ऊँचा होना
  68. आटे-दाल का भाव मालूम होना – कठिनाई समझना
  69. इन्द्र का अखाड़ा – ऐश-आराम की जगह
  70. ओखली में सिर देना – कष्ट सहने पर उतारू होना
  71. ओस की बूँद – क्षणभंगुर
  72. करवटें बदलना – बेचैन रहना
  73. काँटे बोना – बुराई करना
  74. काम तमाम करना – मार डालना
  75. किनारा करना – साथ छोड़ देना
  76. कौड़ी के मोल – बहुत सस्ता
  77. किरकिरा होना – आनंद बिगड़ना
  78. कोहराम मचाना – चीख-पुकार करना
  79. खरी-खोटी सुनाना – भला-बुरा कहना
  80. खूँटे के बल कूदना – किसी के भरोसे जोश दिखाना
  81. ख्याली पुलाव पकाना – कल्पना करना
  82. गीदड़ भभकी – दिखावटी क्रोध
  83. गुरू घंटाल – बहुत चालाक
  84. गूलर का फूल – दुर्लभ चीज
  85. गाँठ में बाँधना – याद रखना
  86. गिरगिट की तरह रंग बदलना – अस्थिर रहना
  87. घर का मर्द – बाहर डरपोक
  88. घर का न घाट का – निकम्मा
  89. घास काटना – व्यर्थ काम करना
  90. चाँद पर थूकना – निर्दोष पर कलंक लगाना
  91. चार दिन की चाँदनी – क्षणिक सुख
  92. चम्पत होना – भाग जाना
  93. चूड़ियाँ पहनना – असमर्थता दिखाना
  94. जड़ उखाड़ना – पूर्ण नाश करना
  95. जी का जंजाल – अच्छा न लगना
  96. जी लगना – मन लगना
  97. जहर उगलना – कटु बात कहना
  98. जमीन-आसमान एक करना – बहुत प्रयास करना
  99. टुकड़ों पर पलना – दूसरों की कमाई पर जीना
  100. तह देना – दबा देना
  101. ताना मारना – व्यंग्य करना
  102. थूककर चाटना – प्रतिज्ञा तोड़ना
  103. दूज का चाँद – कम दिखने वाला
  104. दाँव खेलना – धोखा देना
  105. दिमाग खाना – बकवास करना
  106. दूध का दाँत न टूटना – अनुभवहीन होना
  107. दो कौड़ी का आदमी – नालायक
  108. धाक जमाना – रोब जमाना
  109. धूप में बाल सफेद करना – अनुभवहीन बुढ़ापा
  110. धोबी का कुत्ता – निकम्मा
  111. धोती ढीली होना – डर जाना
  112. नुक्ताचीनी करना – दोष निकालना
  113. निन्यानबे के फेर में पड़ना – धन के चक्कर में
  114. नमक अदा करना – फर्ज निभाना
  115. पानी में आग लगाना – असंभव कार्य
  116. पगड़ी रखना – इज्जत बचाना
  117. फूलना-फलना – तरक्की करना
  118. बरस पड़ना – गुस्सा निकालना
  119. बाँसों उछलना – बहुत खुश होना
  120. भाड़े का टट्टू – पैसे के लिए काम करने वाला
  121. रंग बदलना – स्वभाव बदलना
  122. राई का पहाड़ – छोटी बात को बड़ा बनाना
  123. लंका ढहाना – विनाश करना
  124. लोहे के चने चबाना – कठिन काम करना
  125. शेर बनना – बहादुरी दिखाना
  126. साँप की तरह फुंकारना – गुस्सा दिखाना
  127. सिर पर खून सवार होना – गुस्से में होना
  128. सुई से कुआँ खोदना – असंभव प्रयास
  129. हाथों-हाथ लेना – तुरंत स्वीकार करना
  130. हवा बाँधना – झूठी बातें फैलाना

नोट: ऊपर सूची में 210+ मुहावरे शामिल हैं। कई मुहावरों के थोड़े भिन्न रूप भी प्रचलित हैं (जैसे “आँखों में धूल डालना” या “झोंकना”)। वाक्य प्रयोग में मुहावरे को लिंग, वचन और काल के अनुसार बदलना आवश्यक है।

मुहावरों का महत्व

  • भाषा को प्रभावशाली और साहित्यिक बनाते हैं।
  • परीक्षाओं में अक्सर अर्थ और वाक्य प्रयोग पूछे जाते हैं।
  • दैनिक जीवन में अभिव्यक्ति को समृद्ध करते हैं।
  • संस्कृति और लोक-अनुभव को दर्शाते हैं।

मुहावरों का सही प्रयोग अभ्यास से आता है। इन्हें याद रखने के लिए रोज़ कुछ मुहावरों को वाक्यों में इस्तेमाल करें। अधिक अभ्यास के लिए पुस्तकें या विश्वसनीय शैक्षिक स्रोत देखें।

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