हिंदी व्याकरण में क्रिया विशेषण (Adverb) एक महत्वपूर्ण अव्यय है। यह वाक्य में क्रिया (Verb) की विशेषता बताता है—अर्थात् क्रिया कब, कहाँ, कैसे या कितनी मात्रा में हुई, यह स्पष्ट करता है। क्रिया विशेषण से वाक्य का अर्थ अधिक स्पष्ट, प्रभावशाली और सटीक हो जाता है।
क्रिया विशेषण: परिभाषा
क्रिया विशेषण वे अविकारी (अपरिवर्तनीय) शब्द होते हैं जो क्रिया, विशेषण या किसी अन्य क्रिया विशेषण की विशेषता बताते हैं। सरल शब्दों में—जो शब्द क्रिया के होने का समय, स्थान, रीति या परिमाण बताएँ, वे क्रिया विशेषण कहलाते हैं।
उदाहरण:
- राम तेज़ी से दौड़ता है। (तेज़ी → क्रिया ‘दौड़ता है’ की विशेषता)
- सीता आज आएगी। (आज → समय बता रहा है)
- बच्चे यहाँ खेल रहे हैं। (यहाँ → स्थान बता रहा है)
- वह बहुत थक गया है। (बहुत → परिमाण बता रहा है)
क्रिया विशेषण की मुख्य विशेषताएँ
- ये अव्यय होते हैं, अतः लिंग, वचन या कारक के अनुसार इनमें कोई परिवर्तन नहीं होता।
- ये आमतौर पर क्रिया के पहले या बाद में आते हैं।
- कभी-कभी विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की भी विशेषता बताते हैं (जैसे—वह बहुत तेज़ दौड़ता है)।
क्रिया विशेषण के भेद
क्रिया विशेषण वह अविकारी शब्द है जो क्रिया की विशेषता, समय, स्थान, रीति, मात्रा आदि बताता है। जैसे— राम धीरे चलता है। यहाँ ‘धीरे’ शब्द ‘चलता है’ क्रिया की विशेषता बता रहा है।
क्रिया विशेषण के प्रमुख भेद
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. कालवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया के होने का समय बताता है | आज, कल, अभी, पहले, बाद में |
| 2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया के होने का स्थान बताता है | यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, बाहर |
| 3. रीतिवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया किस प्रकार हुई, यह बताता है | धीरे, जल्दी, चुपचाप, अचानक |
| 4. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया की मात्रा या परिमाण बताता है | बहुत, कम, अधिक, अत्यंत, थोड़ा |
| 5. प्रश्नवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया से संबंधित प्रश्न पूछता है | कब, कहाँ, कैसे, क्यों |
| 6. निषेधवाचक क्रिया विशेषण | क्रिया के न होने का बोध कराता है | नहीं, न, मत |
| 7. निश्चयवाचक क्रिया विशेषण | निश्चितता का बोध कराता है | अवश्य, जरूर, निश्चित रूप से |
उदाहरण
- राम आज आएगा। → ‘आज’ = कालवाचक
- बच्चे बाहर खेल रहे हैं। → ‘बाहर’ = स्थानवाचक
- वह धीरे चलता है। → ‘धीरे’ = रीतिवाचक
- सीमा बहुत पढ़ती है। → ‘बहुत’ = परिमाणवाचक
- तुम कब आओगे? → ‘कब’ = प्रश्नवाचक
- वह आज नहीं आएगा। → ‘नहीं’ = निषेधवाचक
याद रखने की ट्रिक: काल–स्थान–रीति–परिमाण को सबसे पहले याद करें; ये क्रिया विशेषण के प्रमुख भेद हैं।
क्रिया विशेषण के भेद (अर्थ के आधार पर)
अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के चार मुख्य भेद माने जाते हैं:
1. कालवाचक क्रिया विशेषण (Adverb of Time)
ये शब्द बताते हैं कि क्रिया कब हुई, हो रही है या होगी। मुख्य शब्द: आज, कल, परसों, अभी, अब, तब, जब, कभी, हमेशा, प्रतिदिन, सुबह, शाम, पहले, बाद में, बार-बार, तुरंत, शीघ्र आदि।
उदाहरण:
- मैं कल दिल्ली जाऊँगा।
- वह अभी-अभी गया है।
- बच्चे प्रतिदिन व्यायाम करते हैं।
- हम परसों मिलेंगे।
- वह हमेशा समय पर आता है।
2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण (Adverb of Place)
ये शब्द बताते हैं कि क्रिया कहाँ हुई। मुख्य शब्द: यहाँ, वहाँ, कहाँ, जहाँ, ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, अंदर, बाहर, पास, दूर, इधर, उधर आदि।
उदाहरण:
- किताबें यहाँ रखी हैं।
- बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
- वह ऊपर बैठा है।
- हम पास ही रहते हैं।
- तुम अंदर आ जाओ।
3. रीतिवाचक क्रिया विशेषण (Adverb of Manner)
ये शब्द बताते हैं कि क्रिया कैसे या किस रीति/ढंग से हुई। मुख्य शब्द: धीरे, तेज़ी से, ध्यानपूर्वक, अच्छे से, चुपचाप, सहसा, अवश्य, सचमुच, गलत, ठीक, जल्दी, धीरे-धीरे आदि।
उदाहरण:
- वह धीरे-धीरे चलता है।
- सीता ध्यानपूर्वक पढ़ती है।
- राम तेज़ी से दौड़ा।
- तुम अवश्य आना।
- उसने चुपचाप काम कर लिया।
4. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण (Adverb of Quantity/Degree)
ये शब्द बताते हैं कि क्रिया कितनी मात्रा में या किस हद तक हुई। मुख्य शब्द: बहुत, थोड़ा, अधिक, कम, काफी, बिलकुल, लगभग, मात्र, कुछ, अत्यंत, पूर्णतः आदि।
उदाहरण:
- वह बहुत थक गया है।
- मैंने थोड़ा खाया।
- यह काम काफी मुश्किल है।
- उसने बिलकुल नहीं बोला।
- पानी लगभग भर गया है।
नोट: कुछ व्याकरण ग्रंथों में स्थितिवाचक या अन्य भेद भी बताए जाते हैं, परंतु पाठ्यक्रमों में प्रायः उपरोक्त चार भेद ही मुख्य माने जाते हैं।
क्रिया विशेषण और विशेषण में अंतर
| आधार | विशेषण | क्रिया विशेषण |
|---|---|---|
| विशेषता बताता है | संज्ञा या सर्वनाम की | क्रिया की |
| उदाहरण | सुंदर लड़का, लंबा पेड़ | धीरे चलना, तेज़ दौड़ना |
| परिवर्तन | लिंग-वचन के अनुसार बदलता है | अव्यय होने से नहीं बदलता |
| प्रश्न | कैसा/किस प्रकार का? | कैसे/कब/कहाँ/कितना? |
व्याख्यान (विस्तृत समझ)
क्रिया विशेषण वाक्य को जीवंत बनाते हैं। बिना इनके वाक्य अधूरे लगते हैं। उदाहरण के लिए:
- सामान्य वाक्य: राम दौड़ता है।
- क्रिया विशेषण युक्त: राम बहुत तेज़ी से आज सुबह मैदान में दौड़ता है।
यहाँ ‘बहुत तेज़ी से’ (रीति + परिमाण), ‘आज सुबह’ (काल) और ‘मैदान में’ (स्थान) ने वाक्य को पूर्ण बना दिया।
कभी-कभी एक ही शब्द संदर्भ के अनुसार विशेषण या क्रिया विशेषण बन सकता है:
- वह तेज़ लड़का है। (विशेषण)
- वह तेज़ दौड़ता है। (क्रिया विशेषण)
अभ्यास
अभ्यास 1: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (सही क्रिया विशेषण भरें)
- वह __________ चलता है। (धीरे / सुंदर)
- मैं __________ स्कूल जाऊँगा। (कल / बड़ा)
- बच्चे __________ खेल रहे हैं। (बाहर / अच्छा)
- उसने __________ खाना खाया। (बहुत / मीठा)
- तुम __________ आना। (अवश्य / लाल)
उत्तर: 1. धीरे 2. कल 3. बाहर 4. बहुत 5. अवश्य
अभ्यास 2: निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया विशेषण पहचानकर उनके भेद बताइए
- राम आज आएगा।
- वह ध्यानपूर्वक पढ़ता है।
- किताबें यहाँ रखी हैं।
- वह बहुत तेज़ दौड़ता है।
- बच्चे प्रतिदिन व्यायाम करते हैं।
उत्तर:
- आज → कालवाचक
- ध्यानपूर्वक → रीतिवाचक
- यहाँ → स्थानवाचक
- बहुत तेज़ → परिमाणवाचक + रीतिवाचक
- प्रतिदिन → कालवाचक
अभ्यास 3: सही विकल्प चुनिए
- “धीरे-धीरे” किस प्रकार का क्रिया विशेषण है? (क) कालवाचक (ख) रीतिवाचक (ग) स्थानवाचक (घ) परिमाणवाचक
- क्रिया विशेषण किसकी विशेषता बताता है? (क) संज्ञा (ख) सर्वनाम (ग) क्रिया (घ) विशेषण
- “ऊपर, नीचे, पास” किस भेद के उदाहरण हैं? (क) कालवाचक (ख) स्थानवाचक (ग) रीतिवाचक (घ) परिमाणवाचक
उत्तर: 1. (ख) 2. (ग) 3. (ख)
अभ्यास 4: अपने शब्दों में पाँच वाक्य बनाइए जिनमें अलग-अलग प्रकार के क्रिया विशेषण हों।
निष्कर्ष
क्रिया विशेषण हिंदी भाषा को स्पष्ट, सुंदर और प्रभावशाली बनाते हैं। इनके सही प्रयोग से लेखन और बोलचाल दोनों में निखार आता है। नियमित अभ्यास से इनकी पहचान और प्रयोग आसान हो जाता है।
FAQs
Q1. क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे— राम तेज दौड़ता है। यहाँ “तेज” दौड़ने की विशेषता बता रहा है।
Q2. क्रिया विशेषण के कितने भेद होते हैं?
हिंदी व्याकरण में क्रिया विशेषण के मुख्यतः चार भेद माने जाते हैं— कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक और परिमाणवाचक।
Q3. कालवाचक क्रिया विशेषण क्या होता है?
जो शब्द क्रिया के होने का समय बताते हैं, उन्हें कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे— आज, कल, अभी, प्रतिदिन, पहले, बाद में।
Q4. स्थानवाचक क्रिया विशेषण क्या है?
जो शब्द क्रिया के स्थान का बोध कराते हैं, उन्हें स्थानवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे— यहाँ, वहाँ, आगे, पीछे, ऊपर, नीचे।
Q5. रीतिवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
जो शब्द क्रिया के तरीके या ढंग का बोध कराते हैं, उन्हें रीतिवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे— धीरे, तेज, चुपचाप, अचानक, सावधानी से।
Q6. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण क्या होता है?
जो शब्द क्रिया की मात्रा या परिमाण बताते हैं, उन्हें परिमाणवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे— बहुत, कम, अधिक, थोड़ा, अत्यंत।
Q7. “राम धीरे चलता है” में क्रिया विशेषण कौन-सा है?
इस वाक्य में “धीरे” रीतिवाचक क्रिया विशेषण है, क्योंकि यह चलने के ढंग को बताता है।
Q8. “सीमा आज स्कूल जाएगी” में क्रिया विशेषण कौन-सा है?
इस वाक्य में “आज” कालवाचक क्रिया विशेषण है, क्योंकि यह क्रिया के समय का बोध कराता है।
Q9. “बच्चे बाहर खेल रहे हैं” में कौन-सा क्रिया विशेषण है?
इस वाक्य में “बाहर” स्थानवाचक क्रिया विशेषण है, क्योंकि यह खेलने के स्थान को बताता है।
Q10. क्रिया विशेषण की पहचान कैसे करें?
वाक्य में क्रिया से कब, कहाँ, कैसे और कितना जैसे प्रश्न पूछकर क्रिया विशेषण की पहचान की जा सकती है। इनके उत्तर क्रमशः काल, स्थान, रीति और परिमाणवाचक क्रिया विशेषण हो सकते हैं।